Kuch Ankahi Meri Kalam Se

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Description

"मेरी कलम से ✍️ निकल कर जब शब्दों ने भावों का रूप लिया.... बिछ गएअहसास के मोती और मन की बातों को व्यक्त किया...." रोजमर्रा की जिंदगी में जाने कितने एहसास, कितनी संवेदना और कितने अनुभवों से सामना होता है। कुछ को हम व्यक्त कर पाते हैं, कुछ को नहीं। जिन्हें व्यक्त नहीं कर पाते वह हमारे अंतर्मन में निहित होती हैं और बहुत विशेष होती हैं, उन्हीं अनुभूतियों-एहसासों को मैंने कविताओं के रूप में अपनी पुस्तक "कुछ अनकही" में प्रस्तुत किया है। मेरा यह काव्य संग्रह हर आम इंसान की भावनाओं को प्रस्तुत करता है। दोस्ती, प्रेम ,वात्सल्य, एकाकीपन, देश प्रेम, नारित्व, खुशी-दुख, मिलन-बिछोह, सफलता-विफलता जैसे अनेक एहसासों को हिंदी की सरल भाषा में काव्य रूप देने की कोशिश की है। आशा है मेरी कलम से निकली हर कविता आपके दिल तक को जरूर छूएगी ।

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